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कौन हैं कृष्ण मोहन

73 वर्षीय कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (आईएफ़एस) के पूर्व अधिकारी रहे हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारी थे.

कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले के रहने वाले हैं और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आरएसएस के क्षेत्र संघचालक रहे हैं.

बीते साल सितंबर में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्र्स्ट के एक सदस्य कामेश्वर चौपाल की मौत के बाद उन्हें सदस्य नियुक्त किया गया था.

अख़बार के मुताबिक़ कामेश्वर चौपाल बिहार के रहने वाले थे और दलित समुदाय से आते थे.

कृष्ण मोहन भी दलित समुदाय से हैं. उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से भूविज्ञान (जियोलॉजी) में एमएससी करने के बाद भारतीय वन सेवा के महाराष्ट्र कैडर में शामिल हुए.

जनवरी 2024 में राम मंदिर के पहले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में वह अपनी पत्नी के साथ यजमान दंपतियों में शामिल थे.

1978 में भारतीय वन सेवा में शामिल होने से पहले कृष्ण मोहन ने कुछ सालों तक परमाणु ऊर्जा विभाग में वैज्ञानिक के रूप में भी काम किया.

उन्होंने महाराष्ट्र वन विभाग में अलग-अलग पदों पर काम किया और 2012 में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन के पद से रिटायर हुए.

उन्होंने आरएसएस में नगर संघचालक, ज़िला संघचालक और अवध प्रांत के प्रांत संघचालक सहित कई ज़िम्मेदारियां निभाई हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा था, “मुझे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चंपत राय जी से जानकारी मिली कि मुझे ट्रस्टी के रूप में नामित किया गया है. यह मेरे लिए अप्रत्याशित था. यह सब भगवान राम की इच्छा से हुआ है. मैं अपनी नई ज़िम्मेदारी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाऊंगा.”

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